
भूमि के पूरे बेड को उस के कमरे से निकाल कर लाया जाता है और ऑपरेशन थिएटर का गेट खुलता है । भूमि का बेड ऑपरेशन थिएटर के अंदर सरका लेते हैं । एक बड़े से पर्दे के दोनों तरफ भूमि और आकाश का बेड लगा हुआ था। जहां एक तरफ आकाश का ऑपरेशन चल रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ भूमि उस पर्दे के पीछे आकाश को महसूस कर सकती थी। उस ने अपना हाथ आगे बढ़ाया ।
पृथ्वी ने हा में सर हिलाया और पर्दो के बीच में से आकाश का हाथ बाहर निकाल दिया। क्योंकि आकाश के ब्रेन का ऑपरेशन चल रहा था, तो इसीलिए उस के फेस को देखा नही जा सकता था । आकाश के हाथ को देखने के साथ ही भूमि की आंखों से आंसू तेज होने लगते हैं। वह जल्दी से आकाश के हाथ को थाम लेती है और कस के पकड़ लेती है।


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