
अरुणिमा आकाश की बात सुनकर हैरान हो जाती है। वह कुछ समझ पाती उससे पहले ही आकाश आगे बढ़कर भूमि को अपनी गोद में उठा लेता है। भूमि एकदम से हैरान रह गई। डरने की वजह से उसने आकाश के कंधे पर अपना हाथ रख दिया । भूमि के वह नाजुक से हाथ जब आकाश के पत्थर जैसे कंधे को टच हुए, तो भूमि और आकाश दोनों एक दूसरे की तरफ देखने लगे।
जहां भूमि की नजरों में सिर्फ डर और खामोशी थी। तो वहीं दूसरी तरफ आकाश की नजरों में कुछ भी नहीं था। आकाश को इस वक्त समझ पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था।


Write a comment ...