
अब भूमि के हाथ आकाश के हाथों में थे और उन दोनों के बीचों-बीच आकाश की गन थी। और उसके ट्रिगर पर भूमि की उंगलियां थी। उसके दोनों हाथ बुरी तरह से कांप रहे थे। लेकिन आकाश ने उसके हाथों को बोहोत कस के पकड़ा हुआ था। जिससे उसके हाथों में बेइंतहा दर्द हो रहा था । ऊपर से वह इतनी भारी गन उससे संभाले नहीं जा रही थी। वह गन उसे बहुत बुरी तरह से चुभ भी रही थी ।
भूमि ने एक बार फिर से रोते गिड़गिड़ाते हुए आकाश को देख कर कहा, “ देखिए मैं आपके सामने हाथ जोड़ती हूं । मुझे छोड़ दीजिए । मुझसे गलती हो गई । मैं माफी मांगती हूं। मुझे यहां से जाने दीजिए। मैं आइंदा से आपके सामने नहीं आऊंगी। और ना ही आपसे कुछ कहूंगी। प्लीज मुझे यहां से जाने दीजिए।”


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