
अरुणिमा का पूरा चेहरा सुन्न हो गया था और वो हैरानी से आस्तिक को देखने लगी। आस्तिक गुस्से में अरुणिमा को देखते हुए कहता है… “तुम मेरी जासूसी कर रही हो? तुम मेरे पीठ पीछे मेरे स्टडी रूम में गई थी? किस ने इजाजत दी है तुम्हें वहां जाने की?”
अरुणिमा हैरानी से अपनी जगह पर खड़ी होती है! उसकी आंखों में आंसू आ गए थे और उसने आस्तिक को देखते हुए कहा… “क्या बात है राजा साहब? मैने ऐसा भी क्या पूछ लिया कि आप इतने नाराज हो रहे हैं? मैं आपकी पत्नी हूं आपके सुख दुख में आप का साथ देना मेरा फर्ज है अगर आप को कोई परेशानी है तो आप मुझे बता सकते हैं।”


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