
सगाई का फंक्शन खत्म हो गया है। सबी कुछ बहुत अच्छे से रहा क्योंकि अरुणिमा ज्यादातर या तो जानवी के साथ रहती या आस्तिक के साथ रहती, इसलिए जीवन को कुछ करने का मौका ही नहीं मिला था।
कल हल्दी थी, परसों मेहंदी और संगीत.. उसके एक दिन बाद शादी थी। अरुणिमा को बस इस चीज की तसल्ली थी कि कुछ ही दिनों में प्रणाली शादी करके यहां से चली जाएगी और उसके सर से एक परेशानी तो कम होगी।


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