
प्रणाली को देखकर अरुणिमा कुछ ज्यादा खुश नहीं हुई पर प्रणाली गुस्से में अरुणिमा को देखते हुए कहती है… “बहुत अच्छे से तैयारी कर रही हो तुम मेरी सगाई की, लगता है तुम्हें बहुत ज्यादा जल्दी है मुझे इस घर से भेजने की! पर एक बात तुम कान खोल कर सुन लो और अपने दिमाग में अच्छी तरह से बिठा लो, यह घर मेरा है और हमेशा मेरा ही रहेगा।”
प्रणाली की यह सब बातें अरुणिमा के लिए आम हो गई थी, क्योंकि पहले तो वह सिर्फ अरुणिमा को ही कुछ ना कुछ सुना दिया करती थी लेकिन जब से जानवी आई है, वह जानवी को भी सुनाने का एक मौका नहीं छोड़ती है, पर जानवी अरुणिमा नहीं थी। वह तो पलट के जवाब भी दे दिया करती थी, इसीलिए प्रणाली जानवी से कम ही मुंह लगा करती थी।


Write a comment ...