
अरुणिमा राजा साहब की मां के दरवाजे के बाहर खड़ी थी उसने दो-तीन बार दरवाजा पीटा।
अचानक से दरवाजा खुल जाता है। और अरुणिमा हैरान हो जाती ह, वह धीरे से अंदर आती है तो देखती है।


अरुणिमा राजा साहब की मां के दरवाजे के बाहर खड़ी थी उसने दो-तीन बार दरवाजा पीटा।
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