
अरुणिमा एक पल के लिए ब्लैंक हो गई थी, उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह अचानक आस्तिक को क्या हो गया. आस्तिक अचानक से उसके पास आता है और उसे कस के गले लगा लेता है।
अरुणिमा को आस्तिक की बेचैनी साफ नजर आ रही थी. आस्तिक का पूरा शरीर इस समय अकड़ा हुआ था और उसके पूरे शरीर में एक अजीब सी कंपन अरुणिमा महसूस कर सकती थी. उसने आस्तिक को कंधे से पकड़ते हुए खुद से दूर धकेलना चाहा और कहा, “राजा साहब क्या हुआ आपको? राजा साहब आप ठीक तो है?”


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