
अरुणिमा की साड़ी पूरी भीग गई थी और उसके शरीर से चिपक गई थी। बारिश में कीर्ति और अरुणिमा को खेलते-खेलते बहुत समय हो गया था। कीर्ति थक कर कहती है, "मुझे टॉयलेट आ रही है।"
और उसके बाद वह 1 मिनट और वहां नहीं रुकी और वहां से सीधे महल के अंदर चली गई। अरुणिमा हैरानी से उसे जाते हुए देखती रह गई, पर उसका मन नहीं था अभी यहां से जाने का।


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