
अरुणिमा के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ गई। उसने अपना सिर हां में हिलाया। अपनी मां की खुशी के लिए अरुणिमा अपनी जान भी दे सकती थी। फिर यह तो सिर्फ एक शादी थी। उसे अच्छी तरह पता था कि यह एक अरेंज मैरिज है, क्योंकि न तो वह आस्तिक को अच्छी तरह से जानती थी और न ही आस्तिक उसे।
फिर क्या फर्क पड़ता है? दुनिया में बहुत सी अरेंज मैरिज होती हैं और वे सफल भी रहती हैं। लेकिन यह अरेंज मैरिज बाकी अरेंज मैरिज जैसी नहीं थी। अरुणिमा और आस्तिक की पहली मुलाकात जिस तरीके से हुई थी, उसके बाद आस्तिक उससे शादी करना चाहता था।


Write a comment ...