
आस्तिक सूर्य के कानों के पास झुका हुआ था और अपनी सरगोशी भरी और ख़तरनाक आवाज़ में कहता है, "कह देना उससे जो तेरे पीछे है और इन सब खेल का मास्टरमाइंड है कि आस्तिक रायचंद खेल में उतर चुका है। अब तक तो मैं ये सोचकर तुम्हें छोड़ना आया था कि बच्चों से क्या उलझना, लेकिन जब बच्चे शरारत अपनी औकात से ज़्यादा करने लगते हैं ना तो बाप को बाप बनना ही पड़ता है।"



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