
आस्तिक अरुणिमा के पैरों के पास बैठा हुआ था और उसने अरुणिमा के पैरों की उंगलियों को छू रखा था, जिस उंगली में अरुणिमा ने बिछिया पहन रखी थी। आस्तिक ने इस उंगली को अपने हाथ की उंगलियों से छुआ था। अरुणिमा एकदम से सहम गई थी, वह एकदम हैरान नज़रों से आस्तिक को देख रही थी। उसने अपने पैर पीछे करने चाहे, लेकिन आस्तिक ने उसके पैरों को कसके पकड़ लिया और अरुणिमा को देखने लगा।
उसके चेहरे पर गंभीरता और आँखों में एक निराशा थी। उसने अरुणिमा को देखते हुए कहा, "मुझे माफ़ कर दो। आई एम सॉरी, अरुणिमा।" आस्तिक ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा। अरुणिमा घबरा गई। वह अपने पैर पीछे करते हुए कहती है, "आस्तिक प्लीज़ मेरे पैर छोड़ो, तुम्हें ये करने की ज़रूरत नहीं है।"



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