
अगले दिन की सुबह हो चुकी थी और अरुणिमा अभी भी वेटिंग एरिया में बैठी हुई थी, जब आस्तिक उसके पास आकर बैठता है और उसके पास एक पेपर कप में कॉफ़ी अरुणिमा की तरफ़ बढ़ाते हुए बोला, "कॉफ़ी?" अरुणिमा ने आस्तिक को देखा और धीरे से उसके हाथों से वो कॉफ़ी का कप ले लिया। उसकी नज़र सामने के वार्ड पर जाती है। लावण्या को होश आ गया था और उसे नॉर्मल वार्ड में शिफ़्ट कर दिया गया था। लावण्या के माता-पिता अब लावण्या के साथ उसके वार्ड में थे। आस्तिक गहरी साँस छोड़ता है। उसके हाथ में भी एक कॉफ़ी का कप था। उसने धीरे से कॉफ़ी पी और उसे वार्ड को देखते हुए कहा, "शुक्र है कि वो ठीक है।"
लेकिन अरुणिमा ने आस्तिक को देखते हुए बोला, "शुक्र है कि तुम ठीक हो।"



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