
आस्तिक घर से निकल चुका था, और अरुणिमा ने उसे अलविदा भी कह दिया था। लेकिन अरुणिमा का दिल बेचैन हो गया था। हर बार वह हिम्मत करके आरती को बताने की कोशिश करती, लेकिन हर बार उसकी हिम्मत नाकामयाब साबित होती। उसने सोच लिया था कि इस बार जब आस्तिक वापस आएगा, तो वह उसे सच बता ही देगी, क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि पुष्कर रायचंद आस्तिक को यह बात पहले बताएँ।
आस्तिक ड्राइव कर रहा था, तभी उसका फोन बजता है। आस्तिक ने देखा, उसके फोन पर पुष्कर जी की कॉल आ रही है। पुष्कर जी उसे बहुत कम कॉल किया करते थे; साल में सिर्फ़ दो बार ही ऐसा होता था जब पुष्कर जी ने उसे फोन किया होता था। आज आस्तिक ने अपने फोन पर अपने पिता का नंबर देखा तो उसकी आँखें छोटी हो गईं। उसने फोन स्पीकर पर रखा और ड्राइविंग करते हुए कहा, "जी डैड?"



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