
आस्तिक अपने हाथों में आधा खाया हुआ सैंडविच लेकर किचन से बाहर आया। वह सैंडविच को अपने मुँह पर लाने ही वाला था कि उसकी नज़र सैंडविच के उस कोने पर गई जहाँ अरुणिमा का लिप लॉक लगा हुआ था।
वह गुलाबी रंग का निशान सैंडविच के किनारे पर लगा हुआ था। अरुणिमा ने इस सैंडविच को आधा खाया था और अब बाकी आस्तिक का था। अचानक आस्तिक के होठों पर एक मुस्कान आ गई। वह मुस्कुरा रहा था, इस बात का एहसास उसे भी नहीं हो रहा था। वह धीरे-धीरे सैंडविच को अपने होठों के पास लाया और जहाँ से अरुणिमा ने खाया था, वहीं पर अपने होंठ लगा दिए। ऐसा लग रहा था जैसे वह और अरुणिमा एक साथ इस सैंडविच को खा रहे हैं। आस्तिक अपनी आँखें बंद कर लीं और इस स्वाद को अपने ज़हन में बसने की कोशिश की।



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