
अरुणिमा खिड़की के जरिए फार्महाउस में वापस आई। उसके हाथों में एक पैकेट था जिसमें दवाइयाँ और मेडिसिन थीं, साथ ही आरती के जख्मों के लिए बैंडेज भी था।
इन सबको लेकर जब अरुणिमा आस्तिक के कमरे में आई, तो उसने देखा कि आस्तिक फिर से कोने में करवट लेकर बैठा था और उसका गीला टॉवेल, जो अरुणिमा उसके माथे और सीने पर रखकर गई थी, ज़मीन पर पड़ा हुआ था। आस्तिक की हालत वैसी ही थी। वह जल्दी से आस्तिक के पास गई और उसे सीधा किया। इस बार उसने आस्तिक के ऊपर से सारे कपड़े हटा दिए थे—ब्लैंकेट, शर्ट, यहाँ तक कि बनियान तक। उसने खिड़की खोलकर बाहर की ताज़ी हवा अंदर आने दी और फिर दोबारा टॉवेल को गीला करके उसे आस्तिक के ऊपर रख दिया।



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