
आस्तिक गाड़ी चला रहा था, अरुणिमा उसके साथ बैठी थी। वह हैरानी से आस्तिक की तरफ देख रही थी। उसे कभी नहीं लगा था कि आस्तिक उसके लिए कुछ करेगा, खासकर बिज़नेस और उसके कारोबार के मामले में। आस्तिक ने कभी उसे इतना ज़रूरी नहीं समझा कि उसके नाम पर कोई मकान, दुकान या कम से कम एक छोटी-सी प्रॉपर्टी खरीद ले।
हालांकि, शादी के वक्त अरुणिमा के पिता ने उसके नाम पर काफी पैसा फिक्स डिपॉज़िट में जमा करवाया था, जो उसके भविष्य में काम आने वाला था। ठीक वैसा ही आस्तिक के पिता ने भी किया था—उन्होंने भी बैंक में आस्तिक और अरुणिमा के लिए एक बड़ी सेविंग कर रखी थी, ताकि दोनों अपना भविष्य अच्छे से मैनेज कर सकें। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका वर्तमान ही मैनेज नहीं हो रहा था, भविष्य की प्लानिंग तो बहुत दूर की बात थी।



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