
अपनी सोच में गुम अरुणिमा कब बाथरूम में पहुँची, उसे इस बात का अंदाजा ही नहीं हुआ। लेकिन वह होश में तब आई जब आस्तिक ने उसकी कलाई खींचकर उसे बाथरूम की दीवार से लगा दिया। अरुणिमा एकदम से चौंक गई। आस्तिक उस वक्त सिर्फ़ बॉक्सर में खड़ा था और शॉवर का पानी उन दोनों को भिगो रहा था।
"क्या बात है जान? तुम्हारी साँसें इतनी भारी क्यों हो रही हैं? मुझसे भागने के बारे में सोच रही थी?" आस्तिक ने अपनी सर्द आवाज़ में कहा।



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