
आस्तिक की नज़र अरुणिमा की खुली हुई कमर पर थी, और जितना वह उसे देख रहा था, उसके अंदर बेचैनी उतनी ही बढ़ती जा रही थी। उसने गाड़ी के अंदर खुद को बहुत मुश्किल से कंट्रोल में रखा था। अगर यह गाड़ी नहीं, बल्कि कोई कमरा होता, तो शायद इस वक़्त आस्तिक खुद को कंट्रोल करने की सोचता भी नहीं…
तभी अचानक गाड़ी ने तेज़ राइट टर्न लिया। अरुणिमा संभल नहीं पाई, और आस्तिक भी खुद को नहीं संभाल सका, क्योंकि दोनों इसके लिए तैयार नहीं थे। दोनों आपस में टकरा गए—अरुणिमा का सिर आस्तिक के माथे से लगा, और आस्तिक का कंधा अरुणिमा के कंधे से जा टकराया।



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