
आस्तिक अरुणिमा को लेकर सीधे कमरे में आता है और उसे बेड के कॉर्नर पर पटक देता है। अरुणिमा संभाल नहीं पाती और सीधे बेड पर गिर जाती है। उसकी साड़ी का आंचल उसके सीने से हट जाता है। वो डरते हुए बेड के ऊपर बैठ जाती है और अपनी कांपती हुई आवाज़ में आस्तिक से कहती है, "नहीं आस्तिक, मैंने कुछ भी नहीं किया है। मेरा यकीन करो, मैंने सच में कुछ नहीं किया।"
"तुम्हें याद है हमारी शादी की रात मैंने तुमसे क्या कहा था? याद है या मैं फिर से याद दिलाऊं?"



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