
आमायरा और आस्तिक साथ-साथ अपार्टमेंट से निकलकर पार्किंग एरिया में आए। उन्होंने यहाँ कभी खुद को छिपाने की ज़रूरत नहीं महसूस की थी। हर आता-जाता इंसान उन्हें देखता, यहाँ तक कि जानता भी था कि वे साथ रहते हैं। लेकिन किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि उनके बारे में कुछ बोले। कुछ लोग जानते भी थे कि ये दोनों लिव-इन में रहते हैं। साथ ही वे लोग आस्तिक को भी अच्छी तरह पहचानते थे। अगर किसी ने आस्तिक के खिलाफ कुछ बोलने की हिम्मत की, तो अगली सुबह वह इंसान ज़मीन के छह फीट नीचे पाया जाता था।
पार्किंग में पहुँचते ही आस्तिक और अमायरा के रास्ते अलग हो गए। अमायरा अपनी कार की ओर चली गई, जबकि आस्तिक की गाड़ी पहले से ही तिवारी जी लेकर खड़े थे। अमायरा से अलग होने से पहले आस्तिक ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके गालों को चूमा।



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